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सनातन संस्कार स्पर्धा
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सनातन सांस्कृतिक संघ की प्रस्तुति

सनातन संस्कार स्पर्धा

5 से 12 वर्ष के बच्चों के लिए ज्ञान, संस्कार और संस्कृति पर आधारित प्रतियोगिता — जिसमें विजेता बच्चों को मिलेगा उज्जैन और नलखेड़ा की निःशुल्क पुण्य-तीर्थ यात्रा का अवसर।

आयु वर्ग: 5 से 12 वर्ष ललितपुर · झाँसी · टीकमगढ़ निःशुल्क सनातन संस्कार सूची कुल 30 विजेता बच्चे

राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती हरिप्रिया भार्गव जी के मार्गदर्शन में

सबसे महत्वपूर्ण नियम: हर बच्चे की भागीदारी के लिए उसके माता और पिता — दोनों का सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र अनिवार्य है (किसी एक के स्थान पर विधिक संरक्षक का पहचान-पत्र मान्य है)। यह पहचान-पत्र बच्चे का नहीं, माता-पिता/संरक्षक का होना चाहिए। पहले सनातन सांस्कृतिक संघ से जुड़ें, फिर बच्चे को स्पर्धा से जोड़ें।

पहचान-पत्र बनवाएँ

स्पर्धा एक नज़र में

स्पर्धा का नाम
सनातन संस्कार स्पर्धा
प्रस्तुतकर्ता
सनातन सांस्कृतिक संघ
राष्ट्रीय अध्यक्षा
श्रीमती हरिप्रिया भार्गव जी
आयु वर्ग
5 से 12 वर्ष
सम्मिलित परंपराएँ
वैदिक, जैन, बौद्ध और सिख
प्रारंभिक जिले
ललितपुर, झाँसी और टीकमगढ़
अनिवार्य शर्त
माता और पिता (या संरक्षक) दोनों का सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र
अध्ययन सामग्री
सनातन संस्कार सूची (निःशुल्क)
विजेता (प्रति जिला)
10 बच्चे — 5 बालिकाएँ और 5 बालक
कुल विजेता
30 बच्चे (3 जिले × 10)
विजेताओं का पुरस्कार
निःशुल्क पुण्य-तीर्थ यात्रा
यात्रा मार्ग
झाँसी → उज्जैन → नलखेड़ा → उज्जैन → झाँसी

सनातन संस्कार स्पर्धा क्या है?

सनातन संस्कार स्पर्धा, 5 से 12 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए आयोजित एक ज्ञान एवं संस्कार आधारित प्रतियोगिता है। इसका उद्देश्य बच्चों को भारतीय ज्ञान, संस्कृति, परंपराओं और जीवन-मूल्यों से रोचक तथा प्रतियोगिता के माध्यम से परिचित कराना है।

यह स्पर्धा सनातन सांस्कृतिक संघ द्वारा प्रस्तुत की जा रही है। संघ विभिन्न मोक्षलक्षी भारतीय परंपराओं के बीच सांस्कृतिक एकता और भारतीय जीवन-मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्य करता है। इसमें चार प्रमुख परंपराएँ सम्मिलित हैं:

वैदिकजैनबौद्धसिख

प्रथम चरण में यह स्पर्धा तीन जिलों — ललितपुर, झाँसी और टीकमगढ़ — में प्रारंभिक अभियान के रूप में आयोजित की जा रही है।

स्पर्धा का मुख्य उद्देश्य

  • ज्ञान — भारतीय ज्ञान परंपरा से बच्चों का परिचय
  • संस्कार — जीवन-मूल्यों और सदाचार की शिक्षा
  • संस्कृति — परंपराओं और विरासत से जुड़ाव
  • सीखने की रुचि — पढ़ने और जानने की आदत का विकास
  • परिवारों को सनातन संस्कार सूची तथा संघ की निःशुल्क सदस्यता से जोड़ना

स्पर्धा में कौन भाग ले सकता है?

भागीदारी के लिए तीन बातें आवश्यक हैं — बच्चे की आयु, जिला और माता-पिता (या संरक्षक) की सनातन सांस्कृतिक संघ सदस्यता।

5 – 12 वर्ष

लक्षित आयु वर्ग

स्पर्धा में 5 से 12 वर्ष की आयु के बालक-बालिकाएँ भाग ले सकते हैं।

3 जिले

प्रारंभिक क्षेत्र

प्रथम चरण में ललितपुर, झाँसी और टीकमगढ़ जिलों के बच्चों के लिए स्पर्धा आयोजित है।

दो पहचान-पत्र

अनिवार्य सदस्यता

प्रत्येक बच्चे के माता और पिता — दोनों का सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र अनिवार्य है (किसी एक के स्थान पर विधिक संरक्षक मान्य)।

पंजीकरण का सही क्रम
माता-पिता (या संरक्षक) की सनातन सांस्कृतिक संघ सदस्यता
दोनों का सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र प्राप्त करें
बच्चे का पंजीकरण करें
सनातन संस्कार स्पर्धा में भाग लें

ध्यान रहे: सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र बच्चे का नहीं, बल्कि उसके माता और पिता (अथवा विधिक संरक्षक) का होना अनिवार्य है — दोनों पहचान-पत्र सत्यापित किए जाते हैं। वैध पहचान-पत्रों के बिना बच्चे का पंजीकरण पूर्ण नहीं माना जाएगा। सदस्यता निःशुल्क है — यहाँ से बनवाएँ।

सनातन संस्कार सूची — पुस्तिका का आवरण पृष्ठ सनातन संस्कार सूची — पुस्तिका का पिछला पृष्ठ

सनातन संस्कार सूची — निःशुल्क अध्ययन सामग्री

पंजीकरण के साथ प्रत्येक प्रतिभागी बच्चे को "सनातन संस्कार सूची" नामक पुस्तक/पुस्तिका निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। यह बच्चों के लिए भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों को सरल एवं रोचक ढंग से समझने की अध्ययन सामग्री होगी।

बच्चा इसी सामग्री से स्पर्धा की तैयारी करेगा। इस प्रकार परिवार भी बच्चे के साथ बैठकर संस्कारों की चर्चा कर सकेंगे।

पढ़ें → सीखें → समझें → संस्कारों से जुड़ें

विजेताओं का चयन एवं विशेष पुरस्कार

प्रत्येक जिले से 5 बालिकाएँ और 5 बालक — इस प्रकार तीनों जिलों से कुल 30 विजेता बच्चों का चयन किया जाएगा।

10
विजेता प्रति जिला
5 + 5
बालिकाएँ + बालक
3
जिले
30
कुल विजेता बच्चे
प्रस्तावित पुण्य-तीर्थ यात्रा
१

झाँसी

यात्रा का प्रारंभ

२

उज्जैन

श्री महाकालेश्वर दर्शन

३

नलखेड़ा

माँ बगलामुखी दर्शन एवं हवन

४

उज्जैन

वापसी का पड़ाव

५

झाँसी

यात्रा का समापन

यह यात्रा बच्चों के लिए केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को निकट से अनुभव करने का अवसर भी होगी।

पूरी स्पर्धा की प्रक्रिया

पहचान-पत्र से लेकर तीर्थ यात्रा तक — आठ चरणों में पूरी प्रक्रिया।

१

माता-पिता (या संरक्षक) का सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र

बच्चे के माता और पिता — दोनों का सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र होना अनिवार्य है (किसी एक के स्थान पर विधिक संरक्षक मान्य)। नहीं है तो यहाँ निःशुल्क बनवाएँ।

२

बच्चे का पंजीकरण

नीचे दिए गए पंजीकरण प्रपत्र में बच्चे का नाम, आयु, जिला और माता-पिता/संरक्षक की जानकारी भरकर सनातन संस्कार स्पर्धा में पंजीकरण करें।

३

सनातन संस्कार सूची की प्राप्ति

पंजीकरण के साथ बच्चे को निःशुल्क अध्ययन सामग्री "सनातन संस्कार सूची" उपलब्ध कराई जाएगी।

४

तैयारी

बच्चा निर्धारित अध्ययन सामग्री के माध्यम से स्पर्धा की तैयारी करता है।

५

स्पर्धा में भागीदारी

बच्चा सनातन संस्कार स्पर्धा में भाग लेता है। तिथि एवं प्रारूप की जानकारी संघ द्वारा पंजीकृत अभिभावकों को दी जाएगी।

६

पारदर्शी परिणाम

जिलेवार परिणाम घोषित किए जाएँगे और विजेताओं का चयन पारदर्शी ढंग से होगा।

७

जिलेवार विजेता

प्रत्येक जिले से 5 बालिकाएँ और 5 बालक — कुल 10 विजेता चुने जाएँगे।

८

विशेष पुरस्कार

चयनित विजेताओं को निःशुल्क पुण्य-तीर्थ यात्रा — झाँसी से उज्जैन (श्री महाकालेश्वर) और नलखेड़ा (माँ बगलामुखी) तक।

सनातन सांस्कृतिक संघ के बारे में

राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती हरिप्रिया भार्गव जी के मार्गदर्शन में संस्कार, संस्कृति और सेवा को समर्पित संगठन।

सनातन सांस्कृतिक संघ वैदिक, जैन, बौद्ध और सिख — इन चार मोक्षलक्षी भारतीय परंपराओं के बीच सांस्कृतिक एकता स्थापित करने तथा भारतीय जीवन-मूल्यों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से कार्य करता है। संघ का लक्ष्य श्रद्धा, शांति और शौर्य के मूल्यों के साथ समाज और राष्ट्र को उन्नति के मार्ग पर ले जाना है।

संघ का विश्वास है कि जब गाँव सशक्त होंगे, तभी देश सशक्त होगा। इसी सोच के साथ संघ बच्चों, युवाओं और परिवारों को संस्कारों से जोड़ने का कार्य करता है, और सनातन संस्कार स्पर्धा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

संस्कार शिक्षा

बच्चों को अध्ययन सामग्री और प्रतियोगिताओं के माध्यम से जीवन-मूल्यों से जोड़ना।

सांस्कृतिक एकता

वैदिक, जैन, बौद्ध और सिख परंपराओं को एक सूत्र में पिरोना।

सेवा एवं सशक्तिकरण

गाँव-गाँव तक पहुँचकर परिवारों को संघ की निःशुल्क सदस्यता से जोड़ना।

नियम एवं शर्तें

पंजीकरण करने से पहले कृपया सभी नियम ध्यानपूर्वक पढ़ लें।

1. पंजीकरण संबंधी नियम +
  • स्पर्धा में भाग लेने के लिए प्रत्येक बच्चे का पंजीकरण अनिवार्य है।
  • प्रत्येक प्रतिभागी बच्चे के माता और पिता — दोनों का सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र होना अनिवार्य है (किसी एक के स्थान पर विधिक संरक्षक का पहचान-पत्र मान्य है)।
  • सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र बच्चे का नहीं, बल्कि उसके माता-पिता अथवा विधिक संरक्षक का होना चाहिए — और दोनों पहचान-पत्र सत्यापित किए जाते हैं।
  • वैध पहचान-पत्रों के बिना बच्चे का पंजीकरण पूर्ण नहीं माना जाएगा।
  • पंजीकरण के समय बच्चे का नाम, जिला, माता-पिता/संरक्षक का नाम, उनके सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र क्रमांक तथा आवश्यक संपर्क विवरण लिया जाएगा।
  • एक बच्चे का पंजीकरण केवल एक बार मान्य होगा। दी गई सभी जानकारी सही होनी चाहिए; गलत जानकारी पाए जाने पर पंजीकरण रद्द किया जा सकता है।
2. पात्रता +
  • यह स्पर्धा 5 से 12 वर्ष की आयु के बालक-बालिकाओं के लिए है।
  • प्रथम चरण में स्पर्धा केवल ललितपुर, झाँसी और टीकमगढ़ जिलों के बच्चों के लिए मान्य है।
  • बच्चे का पंजीकरण उसके माता-पिता अथवा विधिक संरक्षक की सहमति से ही किया जाएगा।
3. सनातन सांस्कृतिक संघ की सदस्यता एवं पहचान-पत्र +
  • सनातन सांस्कृतिक संघ की सदस्यता निःशुल्क है।
  • जिनके पास सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र नहीं है, वे संघ की वेबसाइट (sanatansanskrutiksangh.org/sadasyata) पर जाकर निःशुल्क सदस्यता लेकर पहचान-पत्र प्राप्त कर सकते हैं।
  • पहले पहचान-पत्र प्राप्त करें, उसके बाद ही बच्चे का पंजीकरण करें।
4. निःशुल्क अध्ययन सामग्री +
  • पंजीकरण पूर्ण होने पर प्रत्येक प्रतिभागी बच्चे को "सनातन संस्कार सूची" पुस्तक/पुस्तिका निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।
  • यह सामग्री भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों को सरल एवं रोचक ढंग से समझाने के लिए तैयार की गई है।
  • सामग्री मुद्रित अथवा विद्युतीय (पीडीएफ) रूप में उपलब्ध कराई जा सकती है; इसकी उपलब्धता आयोजक द्वारा सूचित की जाएगी।
5. स्पर्धा एवं विजेताओं का चयन +
  • बच्चे निर्धारित अध्ययन सामग्री के माध्यम से तैयारी कर स्पर्धा में भाग लेंगे।
  • स्पर्धा की तिथि, स्थान/माध्यम और प्रारूप की जानकारी आयोजक द्वारा पंजीकृत अभिभावकों को दी जाएगी।
  • परिणाम जिलेवार और पारदर्शी ढंग से घोषित किए जाएँगे।
  • प्रत्येक जिले से कुल 10 विजेता चुने जाएँगे — 5 बालिकाएँ और 5 बालक। तीनों जिलों से कुल 30 विजेता बच्चे होंगे।
  • निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम एवं सभी के लिए मान्य होगा।
6. पुरस्कार — निःशुल्क पुण्य-तीर्थ यात्रा +
  • प्रत्येक जिले से चयनित 10 विजेता बच्चों को निःशुल्क पुण्य-तीर्थ यात्रा का अवसर दिया जाएगा।
  • प्रस्तावित यात्रा मार्ग: झाँसी → उज्जैन (श्री महाकालेश्वर दर्शन) → नलखेड़ा (माँ बगलामुखी दर्शन एवं हवन) → उज्जैन → झाँसी।
  • यात्रा की तिथि, अवधि तथा व्यवस्था आयोजक द्वारा पूर्व सूचित की जाएगी।
  • यात्रा के स्थान पर नकद राशि अथवा कोई अन्य विकल्प देय नहीं होगा।
7. सामान्य शर्तें +
  • आयोजक आवश्यकता पड़ने पर स्पर्धा की तिथि, नियम अथवा प्रारूप में परिवर्तन करने या उसे स्थगित/रद्द करने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
  • स्पर्धा के प्रचार-प्रसार हेतु आयोजन के दौरान लिए गए छायाचित्र एवं चलचित्र का उपयोग संघ द्वारा किया जा सकता है।
  • किसी भी विवाद की स्थिति में आयोजक — सनातन सांस्कृतिक संघ — का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा।
पंजीकरण प्रपत्र जमा करने पर यह माना जाएगा कि आपने उपर्युक्त सभी नियम एवं शर्तें पढ़ ली हैं और उनसे सहमत हैं।

सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र नहीं है?

चिंता न करें। सनातन सांस्कृतिक संघ की सदस्यता पूरी तरह निःशुल्क है। माता, पिता अथवा विधिक संरक्षक सदस्यता लेकर पहचान-पत्र प्राप्त करें, फिर बच्चे का पंजीकरण करें।

निःशुल्क सदस्यता लें

सदस्यता से आपको क्या मिलेगा?

सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र, जो सनातन संस्कार स्पर्धा में बच्चे के पंजीकरण के लिए अनिवार्य है।

संघ की गतिविधियों, कार्यक्रमों और अभियानों की जानकारी।

संस्कार एवं सेवा के कार्यों से जुड़ने तथा संघ परिवार का हिस्सा बनने का अवसर।

कोई शुल्क नहीं — सदस्यता पूर्णतः निःशुल्क।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्पर्धा में किस आयु के बच्चे भाग ले सकते हैं? +

सनातन संस्कार स्पर्धा में 5 से 12 वर्ष की आयु के बालक-बालिकाएँ भाग ले सकते हैं।

सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र किसका होना चाहिए? +

पहचान-पत्र बच्चे का नहीं, बल्कि उसके माता और पिता — दोनों का होना अनिवार्य है (किसी एक के स्थान पर विधिक संरक्षक मान्य है)।

यदि हमारे पास सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र नहीं है तो क्या करें? +

संघ की वेबसाइट पर जाकर निःशुल्क सदस्यता लें और पहचान-पत्र प्राप्त करें। उसके बाद बच्चे का पंजीकरण करें। सदस्यता के लिए कोई शुल्क नहीं है।

स्पर्धा किन जिलों में हो रही है? +

प्रथम चरण में यह स्पर्धा ललितपुर, झाँसी और टीकमगढ़ — तीन जिलों में प्रारंभिक अभियान के रूप में आयोजित की जा रही है।

सनातन संस्कार सूची पुस्तक कब और कैसे मिलेगी? +

पंजीकरण के साथ प्रतिभागी बच्चे को यह अध्ययन सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इसकी जानकारी संघ द्वारा पंजीकृत संपर्क क्रमांक पर तथा व्हाट्सऐप चैनल के माध्यम से दी जाएगी।

विजेता कितने बच्चे होंगे और उन्हें क्या मिलेगा? +

प्रत्येक जिले से 10 विजेता (5 बालिकाएँ + 5 बालक) चुने जाएँगे, यानी तीन जिलों से कुल 30 बच्चे। इन सभी को झाँसी से उज्जैन और नलखेड़ा तक निःशुल्क पुण्य-तीर्थ यात्रा का अवसर मिलेगा।

स्पर्धा की तिथि और परिणाम की जानकारी कहाँ मिलेगी? +

सभी सूचनाएँ संघ के आधिकारिक व्हाट्सऐप चैनल तथा पंजीकृत संपर्क क्रमांक पर दी जाएँगी। कृपया चैनल से अवश्य जुड़ें।

बच्चे का पंजीकरण करें

कृपया सही जानकारी भरें। पंजीकरण से पहले माता और पिता (अथवा संरक्षक) का सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र होना आवश्यक है।

  • माता की और पिता की SSS पहचान-पत्र संख्या (किसी एक के स्थान पर संरक्षक की भी मान्य)
  • संपर्क क्रमांक (WhatsApp)
  • राज्य एवं जिला
पंजीकरण प्रपत्र भरें

सनातन सांस्कृतिक संघ पहचान-पत्र नहीं है? पहले यहाँ निःशुल्क बनवाएँ, फिर बच्चे का पंजीकरण करें। पंजीकरण जमा करते ही आपको धन्यवाद पृष्ठ पर भेजा जाएगा।